
x
केरोसिन
Delhi दिल्ली: देश में बढ़ते एलपीजी संकट और वैश्विक ईंधन आपूर्ति में बाधा के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अस्थायी तौर पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) की बिक्री के नियमों में ढील देते हुए अगले 60 दिनों तक पेट्रोल पंपों के जरिए इसकी बिक्री की अनुमति दे दी है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ा है। इसी स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि आम लोगों को वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 21 राज्यों में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत केरोसिन की एड-हॉक सप्लाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही पेट्रोलियम रूल्स, 2002 के कुछ लाइसेंसिंग प्रावधानों में अस्थायी छूट दी गई है, जिससे केरोसिन के स्टोरेज, परिवहन और वितरण की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केरोसिन की आपूर्ति देश के अंतिम छोर तक आसानी से पहुंच सके। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि केरोसिन का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों—जैसे खाना पकाने और रोशनी—के लिए ही किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अस्थायी राहत देने में कारगर साबित हो सकता है, लेकिन लंबे समय में ऊर्जा सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान जरूरी होंगे। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि आम जनता को ईंधन संकट का कम से कम असर झेलना पड़े।
Tagsकेरोसिन बिक्रीLPG संकटपेट्रोल पंपईंधन संकटकेंद्र सरकारPDSपेट्रोलियम नियम 2002ऊर्जा आपूर्तिभारत न्यूजजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





